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वित्त प्रबंधन

वित्त प्रबंधन
इस वित्तपोषण से जिन परियोजनाओं को वित्त प्रबंधन बाहर रखा गया है, उनमें जीवाश्म ईंधन के नए या पुराने उत्खनन, उत्पादन एवं वितरण से संबंधित परियोजनाएं, परमाणु ऊर्जा उत्पादन, खुले में कचरा नष्ट करने, शराब, हथियार, तंबाकू, गेमिंग या पाम ऑयल उद्योग, संरक्षित क्षेत्रों से फीडस्टॉक का इस्तेमाल कर बायोमास से उर्जा उत्पादन वित्त प्रबंधन करने वाली परियोजनाएं, जमीन भरने की परियोजनाएं और 25 मेगावॉट से ज्यादा क्षमता की पनबिजली परियोजनाएं शामिल हैं।

Green Bond: : वित्त मंत्रालय ने जारी किया ग्रीन बॉन्ड की रूपरेखा

ग्रीन बॉन्ड 9 व्यापक श्रेणियों- अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा कुशलता, स्वच्छ परिवहन, जलवायु परिवर्तन के अनुकूलन, टिकाऊ जल एवं कचरा प्रबंधन, प्रदूषण रोकथाम एवं नियंत्रण, ग्रीन बिल्डिंग्स, प्राकृतिक संसाधनों व जमीन के इस्तेमाल का टिकाऊ प्रबंधन और स्थलीय एवं जलीय जैव विविधता संरक्षण में शामिल है। परियोजनाओं में अक्षय ऊर्जा, ऊर्जा सक्षम भवनों, सार्वजनिक परिवहन के विद्युतीकरण, जलवायु के अनुकूल बुनियादी ढांचे, ऑर्गेनिक फार्मिंग, भूमि और समुद्री जैव विविधता परियोजनाओं के लिए बाढ़ एवं जलवायु चेतावनी व्यवस्था शामिल होंगी।

नियमित बॉन्डों की तरह इसका धन भी भारत की संचित निधि में जाएगा, उसके बाद उसे पात्र हरित परियोजनाओं के लिए उपलब्ध कराया जाएगा। रिपोर्ट में कहा गया है, ‘इस मकसद से धन मुहैया कराने के लिए आवंटन और लेखांकन पारदर्शी और अलग बनाए गए खाते वित्त प्रबंधन से होगा, जिसका संचालन वित्त मंत्रालय करेगा।

क्या है ग्रीन बॉन्ड?

– ये सरकार की ओर से भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा जारी की गई वित्त प्रबंधन सरकारी प्रतिभूतियां हैं।
– ये भौतिक सोने के लिए एक विकल्प हैं, और सोने के ग्राम में प्रदर्शित किए जाते हैं।
– हरित बॉन्ड एक निश्चित आय साधन है जो विशेष रूप से विशिष्ट जलवायु-संबंधी या पर्यावरण परियोजनाओं का समर्थन करता है।
– ग्रीन बॉन्ड किसी भी संप्रभु संस्था, अंतर-सरकारी समूहों या गठबंधनों और कॉरपोरेट्स द्वारा जारी किए गए बॉन्ड वित्त प्रबंधन हैं।
– निवेशकों को ग्रीन बॉन्ड में निवेश के लिए प्रोत्साहित करने ले लिए सरकार इस निवेश पर टैक्स छूट का प्रावधान ला सकती है।
-विश्व बैंक हरित बॉन्ड का एक प्रमुख जारीकर्ता है। विश्वबैंक द्वारा 2008 से अब तक 14.4 बिलियन डॉलर मूल्य के 164 ग्रीन बॉन्ड जारी किए गए हैं।
-क्लाइमेट बॉन्ड इनिशिएटिव के अनुसार, 2020 में, कुल 270 बिलियन डालर का ग्रीन बॉन्ड जारी किया गया। 2015 के बाद से ग्रीन बांड का संचयी निर्गम 200 ट्रिलियन से अधिक हो चुका है।

कार्यालय पद्धति और शिक्षा विभाग अधिकारियों / अधिकारियों के लिए वित्त प्रबंधन पर अंतरिम प्रशिक्षण कार्यक्रम

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वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली के अनिवार्य उपयोग का किया शुभारंभ

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली के अनिवार्य उपयोग का किया शुभारंभ

केन्द्रीय वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा है कि भारत सरकार की सभी योजनाओं के लिए सार्वजानिक वित्त प्रबंधन प्रणाली के आनिवार्य उपयोग से क्रियान्वयनकारी एजंसियों तक धनराशि के होने वाले प्रवाह की निगरानी की जा सकेगी।

जेटली ने कहा कि पीएफएमएस के जरिए धनराशि की निगरानी संभव होने से यह पता लगाया जा सकता है कि केन्‍द्र एवं राज्‍य सरकारों की क्रियान्‍वयनकारी वित्त प्रबंधन एजेंसियों द्वारा धनराशि के उपयोग की वास्‍तविक स्थिति क्‍या है। जेटली कल नई दिल्ली में केन्‍द्रीय क्षेत्र की सभी योजनाओं के लिए सार्वजनिक वित्त प्रबंधन प्रणाली के अनिवार्य उपयोग का शुभारंभ करने के बाद वित्त एवं अन्‍य मंत्रालयों के वरिष्‍ठ अधिकारियों को संबोधित कर रहे वित्त प्रबंधन थे।

व्यक्तिगत वित्त के संदर्भ में जोखिम प्रबंधन पर जोर

यूक्रेन में भारतीय छात्रों एवं अन्य कार्यरत लोगों को भारत सरकार द्वारा सकुशल वापस लाया जा चुका है। यह इनके माता-पिता तथा परिजनों के लिए अत्यंत सुखद अनुभूति है किंतु साथ ही साथ अब इन्हें छात्रों के भविष्य की चिंता भी सताने लगी है। यह स्वाभाविक है। व्यक्तिगत वित्त के संदर्भ में इसीलिए जोखिम प्रबंधन पर अधिक बल दिया जाता है। भविष्य की अनिश्चितता एवं मानवीय व्यवहार की अस्थिरता ने ही जोखिम प्रबंधन को तार्किक एवं सुदृढ़ बनाने में प्रोत्साहन दिया है। जीवन वित्त प्रबंधन के अन्य पहलुओं की भांति वित्तीय जोखिम विभिन्न परिमाणों, विभिन्न संभावनाओं के साथ आ सकता है। ऐसे जोखिम जो हमें कम प्रभावित वित्त प्रबंधन करते हैं, उन्हें हम अनदेखा कर देते हैं, ऐसे जोखिम जो हमें डराते हैं अधिक नुकसान कर सकते हैं। हम किसी न किसी रूप में जूझने का प्रयास करते हैं।

लेखक : करुणेश देव

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