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वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं?

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वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं?

Stroyinvestleeasing LLC (www.sil.by) 2002 में स्थापित एक मल्टी-प्रोफाइल लीज़िंग कंपनी है और लीज़िंग ऑर्गनाईज़ेशन नम्बर. 29 तिथि 03.11.2014, आयडेंटिफ़िकेशन कोड 10029 के रजिस्टर में शामिल किए जाने पर बेलारूस गणराज्य के नेशनल बैंक के सर्टिफिकेट के आधार पर बेलारूस गणराज्य के फाइनेंशियल सेवा बाज़ार में काम कर रही है.

कंपनी के मुख्य व्यवसाय क्षेत्रों में निम्नलिखित शामिल हैं:

  • कई सारी चीज़ों (जैसे मशीनरी, ट्रांसपोर्ट, उपकरण, रियल एस्टेट, आदि) के फाइनेंशियल और ऑपरेटिंग लीज़िंग पर;
  • रिडेमपशन के अधिकार के साथ-साथ चल और अचल संपत्ति को लीज़िंग पर देना;
  • पेचीदा तकनीकी सामानों की खरीद और बिक्री, जिनमें डेफर्ड पेमेंट मौजूद हैं.

Stroyinvestleasing LLC अंदरूनी और बाहरी (आयात, निर्यात) बाज़ारों, दोनों में, पर काम करता है. 17 साल के काम के लिए कंपनी ने 750 से ज़्यादा व्यावसायिक परियोजनाओं को लागू किया है. 500 से ज़्यादा लीज़िग पार्टनर्स को 1900 से अधिक लीज़िग ऑब्जेक्ट मिले हैं.

टोकन खरीदकर निवेशकों को आकर्षित करने का सबसे पहला मकसद कंपनी की वर्तमान लीज़िग कामकाज को फाइनैन्स करना है.

टोकन मालिकों को उनके लेनदेन के समय के आखिर में फंड की वापसी का मुख्य स्रोत लीसीज़ से मिले लीज़ समझौतों के तहत लीज़ पर पेमेंट हैं.

Stroyinvestleasing LLC वाइटपेपर dd. 31.12.2019 के मुताबिक

बनाए गए टोकन इथेरियम ब्लॉकचेन (ERC 20 मानक) पर आधारित हैं.

टोकन का नाम SIL_25.1/EUR
करेंसी टोकन EUR.cx
प्रति टोकन की नॉमिनल कीमत «SIL_25.1/EUR» 100 EUR.cx
भुगतान की फ्रीक्वेनसी तिमाहिक
पहले ब्याज पेमेंट की तारीख 01.04.2020
अगले ब्याज पेमेंट की तारीख 01.07.2020
शुरुआती पेशकश के जारी होने की तारीख 15.01.2020
टोकन सरक्यूलेशन अवधि 15.01.2020 – 14.01.2025
टोकन को प्रभाव में लाने की अवधि (टोकन की रीपेमेंट): 14.01.2025 - 28.01.2025

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1. Digital signs (tokens) (hereinafter referred to as “tokens”) are not legal tender and are not required to be accepted as a means of payment.

2. Tokens are not backed by the state.

3. Acquisition of tokens may lead to complete loss of funds and other objects of civil rights (investments) transferred in exchange for tokens (including as a result of token cost volatility; technical failures (errors); illegal actions, including theft).

4. The distributed ledger technology (blockchain), other distributed information system and similar technologies are innovative and constantly updated, which implies the need for periodic updates (periodic improvement) of the information system of Dzengi Com CJSC and the risk of technical failures (errors) in its operation.

5. Certain tokens sold by Dzengi Сom сlosed joint stock company may be of value only when using the information system of Dzengi Com CJSC and (or) the services rendered by Dzengi Com CJSC.

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Dzengi Сom сlosed joint stock company is a cryptoplatform operator (cryptoexchange) and carries out activities using tokens.

Currency Com Global LLC is a limited liability company registered in St. Vincent & the Grenadines under company number 1291 LLC 2021 with its registered office at First Floor, First St. Vincent Bank Ltd Building, James Street, Kingstown, St. Vincent & the Grenadines.

Currency Com Limited is a private company limited by shares incorporated in Gibraltar under company number 117543, having its registered address at Madison Building, Midtown, Queensway, GX11 1AA, Gibraltar. The merchant location address is located at Unit 5.25, World Trade Center, 6 Bayside Road, Gibraltar, GX11 1AA. The company is authorised by the Gibraltar Financial Services Commission as a DLT Provider under the Financial Services Act 2019. Licence No. 25032.

वित्तीय साक्षरता की ताकत अब आम आदमी के हाथों में

किसी भी देश में देशव्यापी नीतियों पर काम करने के लिए सलाहकार, अर्थ शास्त्री, और नीति विशेषज्ञ होते हैं। लेकिन कई बार वित्तीय साक्षरता को एक बड़ी आबादी और आम आदमी तक पहुँचाने में काफी समय लग जाता है।

वित्तीय साक्षरता की ताकत अब आम आदमी के हाथों में

किसी भी देश में देशव्यापी नीतियों पर काम करने के लिए सलाहकार, अर्थ शास्त्री, और नीति विशेषज्ञ होते हैं। लेकिन कई बार वित्तीय साक्षरता को एक बड़ी आबादी और आम आदमी तक पहुँचाने में काफी समय लग जाता है। हालाँकि ये बात तय है कि, तेजी से बदलते वैश्विक परिवेश में, वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने से देश वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? की प्रगति को नई गति मिल सकती है।

किसी व्यक्ति के जीवन को बेहतर बनाने में वित्तीय साक्षरता का बहुत योगदान है। इसकी वजह से आपका वर्तमान ही नहीं, भविष्य भी सुरक्षित होता है। लेकिन वित्तीय साक्षरता है क्या? क्या ये किसी प्रकार की पढ़ाई है ? आसान भाषा में समझें तो-- पैसे कैसे कमाये , बचाये और खर्च किए जाते हैं, इनकी जानकारी को वित्तीय साक्षरता कहते हैं। वित्तीय साक्षरता का मूल उद्देश्य है कि आपके पास जो भी वित्तीय साधन (या कमाई) है उसका कैसे सदुपयोग किया जा सके।

हमारे देश में लोन जैसी वित्तीय सेवाएँ अब आसानी से उपलब्ध है, लेकिन वित्तीय साक्षरता पर अब भी काम हो सकता है। एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी ) द्वारा प्रकाशित के रिपोर्ट में आरबीआई बैंक का हवाला देते हुए कहा गया है की देश में सिर्फ 27% पुरुष और 24% महिलाएँ वित्तीय साक्षरता के न्यूनतम मापदंड को पूरा करते हैं। इसके कई कारण है। जैसे कि --

भारत में शेयर बाजार का विकास: किसी भी देश का शेयर बाजार उसके आर्थिक विकास का पैमाना होता है। पिछले कुछ दशकों में भारतीय शेयर बाजार में आये उछाल से इसने अपने लिए विश्व स्तर पर जगह बना ली है। उदाहरण के लिए, बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज, जिसे 1875 में स्थापित किया गया था और जो एशिया का सबसे पुराना स्टॉक एक्सचेंज है, 1 ट्रिलियन डॉलर से अधिक मार्केट कैपिटलाइज़ेशन के साथ अब दुनिया के सबसे मूल्यवान स्टॉक एक्सचेंजों की सूची में शामिल हो गया है। सेंसेक्स (यानी संवेदी सूचकांक ) ने भी कई आयाम स्थापित किए हैं। ये पहली बार 10,000 अंक के ऊपर सन् 2006 में पहुँचा, उसके बाद सन् 2007 में 20,000 अंक और 2017 में 30,000 अंक तक उछला। जाहिर सी बात है, जो स्टॉक मार्केट में वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? लंबे समय तक निवेशक रहे हैं उन्होंने जबरदस्त मुनाफा कमाया है।

वित्तीय रूप से साक्षर व्यक्ति ऐसे अवसरों का लाभ उठाने के साथ-साथ देश के विकास में महत्वपूर्ण कड़ी भी बन सकते हैं।

निवेश से जुड़े मिथक

जानकारी के अभाव ने भारत के लाखों निवेशकों को शेयर बाजार में उपलब्ध निवेश के अवसरों के दूर रखा है। शेयर बाजार को लेकर तरह-तरह की भ्रांतियाँ फैली हुई हैं। वित्तीय साक्षरता की कमी की वजह से अक्सर निवेशकों को शेयर मार्केट में ज्यादा जोखिम लगता है।पहले लोग ब्रोकर्स, एजेंट, बिचौलियों से बचते थे। सही और संपूर्ण जानकारी के अभाव में व्यक्ति कई बार ठगा भी जाता था। इसके चलते लोग अपना पैसा अक्सर एफडी या फिर सेविंग्स अकाउंट में ही रखते थे। टेक्नोलॉजी ने अब काफी कुछ बदल दिया है। अब हर प्रकार के इन्वेस्टमेंट प्रॉडक्ट्स ऑनलाइन उपलब्ध हैं। किसी के बारे में भी जानकारी घर बैठे, तुरंत मिल जाती है। जानकारी का जो अंतर था उसके कम होने की वजह से अब निवेशक आत्मविशास और भरोसे के साथ मार्केट में निवेश कर रहे हैं।

इन्वेस्टमेंट के बारे में सही जानकारी: सही और संपूर्ण जानकारी से निवेशक शेयर मार्केट के बारे में लंबे समय से चली आ रही गलत धारणाओं से बच सकते हैं।शेयर मार्केट के बारे में जागरूकता से आपको कई ऐसे गैर-परंपरागत निवेश के अवसरों की जानकारी होगी, जो आपकी जोखिम लेने की क्षमता से मेल खाते हों। वित्तीय रूप से साक्षर होने से आप अनुमान लगा सकते हैं की कहाँ निवेश करने में कितना जोखिम है और क्या आप उतना जोखिम उठा सकते हैं या नहीं।

जल्दी पैसा बनाने की फर्जी स्कीमों से बचना: स्मार्टफोन ने लोगों को स्मार्ट ही नहीं बल्कि मूर्ख भी बनाया है। ठगी और धोखाधड़ी के मामले आये दिन सामने आते रहते हैं। निवेशकों के लिए एक बड़ी समस्या ये भी हो जाती है की इतनी सारी जानकारी में से किस पर भरोसा करें और किस पर नहीं। इंटरनेट से एकत्रित जानकारी में सही और गलत दोनों प्रकार के तथ्य होते हैं। कई बार ठग वित्तीय सलाहकार बन कर या फिर किसी कंपनी के कर्मचारी बन कर ऐसे लुभावने ऑफर या स्कीम बताते हैं जिसमे आदमी फँस जाता है। जिन लोगों की वित्तीय साक्षरता कम होती है वो अक्सर ऐसी ठगी का शिकार हो जाते हैं।

एक एसआईपी के साथ, करें शुरुआत: आज तक, बड़े से बड़ा निवेशक यह बात निश्चित तौर पर नहीं कह सका है कि शेयर बाजार में पैसे लगाने का परफेक्ट समय या महूर्त कौन सा है। पहली बार निवेश करने वाला व्यक्ति अक्सर इसमें उलझ जाता है। शेयर मार्केट में मुनाफा कमाने के लिए लंबे समय तक बने रहकर अनुशासनात्मक तरीके से निवेश करना जरूरी है।ऐसा करने से आपको बेहतर रिटर्न मिलेंगे। निवेशक एक निश्चित राशि की एसआईपी कर सकते हैं । ऐसा करने से दो फायदे होंगे। पहला, एक निश्चित राशि हर महीने निवेश करने से आप मार्केट के उतार और चढ़ाव, दोनों स्टेज में निवेश करेंगे, वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? जिसका आगे जा कर लाभ होगा। दूसरा, हर महीने मार्केट में बने रहने से रुपये की कीमत में आने वाले उतार और चढ़ाव से आप बच जाएँगे। साथ ही, कंपाउंडिंग की वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? वजह से और मार्केट में लगातार लंबी अवधि तक बने रहने से छोटे निवेश से भी एक अच्छी राशि एकत्रित हो जाएगी।

सेबी, एक भरोसेमंद साथी और गाइड

पहली बार निवेश करने वालों के मन में बहुत से सवाल होते हैं। इतने सारे शेयर और म्यूच्यूअल फंड हैं, इनमें कौन सा उनके लिए ठीक है कौन सा नहीं। अलग-अलग एडवाइजर, ब्रोकर अलग अलग बात बताता है।चाहे कोई भी राय दे, जोखिम सिर्फ निवेशक का होता है।इसके चलते बिचौलियों और ब्रोकर्स की बात पर भरोसा करना कठिन होता है और आदमी निवेश करने से ठिठक जाता है। इन सभी बातों के निवारण के लिए और निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए, 1992 में सेबी (भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड) का गठन किया गया। फाइनेशियल इंटरमीडियरिज (ब्रोकर्स, एजेंट्स, फंड्स इत्यादि) के लिए नियम व कानून बनाने से लेकर निवेशकों के हितों की रक्षा करने तक, ये सभी कार्य सेबी करता है। सिर्फ शेयर ही नहीं, म्यूच्यूअल फंड भी सेबी के वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? रेगुलेशन में आते हैं। सेबी के मार्केट के रेगुलेटर होने की वजह से पहली बार निवेश करने वाले व्यक्ति पूरे आत्मविश्वास और आश्वासन के साथ निवेश कर सकते हैं।

(अस्वीकरण : इस लेख में किए गए दावों की सत्यता की पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति / संस्थान की है।)

ऑनलाइन छात्रवृत्ति: छात्रों की शैक्षिक आकांक्षाओं को पूरा करते हुए

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छात्रों को उच्च शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहन एवं वित्तीय सहायता की जरूरत है। आज उच्च शिक्षा पहले से कहीं अधिक महंगी है जिससे छात्रों को अपने पसंद के पाठ्यक्रम और कॉलेजों को वहन करना कठिन हो रहा है। प्रतिभाशाली भारतीय छात्रों को उच्च शिक्षा का खर्च वहन करने में वित्तीय चुनौतियों और कठिनाई का सामना करना पड़ता है इसलिए भारत सरकार उन्हें छात्रवृत्ति देकर वित्तीय मदद प्रदान करती है । पहले विभिन्न शैक्षणिक छात्रवृत्ति योजनाओं के तहत लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया लंबी कागजी कार्रवाई के कारण छात्रों के लिए एक मुश्किल काम था। सरकार द्वारा शैक्षिक छात्रवृत्तियों के माध्यम से वित्तीय सहायता प्राप्त करने के लिए उन्हें एक जगह से दूसरी जगह दौड़ना पड़ता था।

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल एक अद्वितीय और सरल मंच है जो छात्रों के लिए एक कुशल और पारदर्शी तरीके से शैक्षिक छात्रवृत्ति का लाभ उठानें में मदद करने के लिए बनाई गई है।

भारत के माननीय प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किया गया राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (एनएसपी) एक समाधान है जिसके माध्यम से एक स्थान पर छात्रों के लिए सेवाओं - छात्र आवेदन, आवेदन प्राप्ति, प्रसंस्करण, मंजूरी और विभिन्न छात्रवृत्तियों के वितरण को सक्षम किया गया है। राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल राष्ट्रीय ई-शासन योजना (एनईजीपी) के तहत मिशन मोड परियोजना के रूप में लिया गया है। इस पहल का उद्देश्य एक मिशन उन्मुख, सरलीकृत, जवाबदेह, उत्तरदायी और पारदर्शी 'स्मार्ट' प्रणाली को उपलब्ध कराना है जिससे छात्रवृत्ति आवेदन का त्वरित एवं प्रभावी निपटान हो सके एवं बिना किसी लीकेज के धन का वितरण सीधे लाभार्थियों के खाते में किया जा सके।

  • छात्रों को छात्रवृत्ति का समय पर संवितरण सुनिश्चित करना
  • केन्द्र और राज्य सरकारों के विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं के लिए एक पोर्टल प्रदान करना
  • छात्रों का एक पारदर्शी डेटाबेस बनाना
  • प्रसंस्करण में दोहराव से बचना
  • विभिन्न छात्रवृत्ति योजनाओं और मानदंडों में एकरूपता लाना
  • प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण का अनुप्रयोग करना

राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल में उपलब्ध सेवाएं

  • छात्रों के लिए सरलीकृत प्रक्रिया
    • सभी छात्रवृत्तियों की जानकारी एक जगह उपलब्ध
    • सभी छात्रवृत्तियों के लिए एक एकीकृत आवेदन
    • प्रणाली वह योजना सुझाता वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? है जिसके लिए छात्र योग्य है
    • डुप्लिकेट अधिकतम सीमा तक कम किया जा सकता (आधार अनिवार्य कर दिया जाता है तो पूरी तरह से समाप्त किया जा सकता है)
    • अखिल भारतीय स्तर पर संस्थानों और पाठ्यक्रमों के लिए मास्टर डेटा
    • छात्रवृत्ति प्रसंस्करण

    Vidya Lakshmi Portal

    15 अगस्त 2015 को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर शैक्षिक ऋण पाने के इच्छुक छात्रों के लाभ के लिए एक विद्या लक्ष्मी नामक वेब आधारित पोर्टल शुरू किया गया। यह पोर्टल वित्तीय सेवा विभाग, वित्त मंत्रालय, उच्च शिक्षा विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय और भारतीय बैंक संघ (आईबीए) के मार्गदर्शन में एनएसडीएल ई-गवर्नेंस वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? इन्फ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड (एनएसडीएल ई-शासन) द्वारा विकसित एवं अनुरक्षित किया गया है।

    इससे पहले केंद्रीय बजट 2015-16 में केंद्रीय वित्त मंत्री श्री अरुण जेटली ने प्रधानमंत्री विद्या लक्ष्मी कार्यक्रम के माध्यम से एक पूरी तरह से आईटी आधारित छात्र वित्तीय सहायता प्राधिकरण प्रशासन की स्थापना का प्रस्ताव शैक्षिक ऋण योजनाओं की निगरानी के लिए किया था जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी छात्र वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? धन की कमी के कारण उच्च शिक्षा से वंचित न रहे। इस पोर्टल का शुभारंभ इस उद्देश्य को प्राप्त करने की दिशा में पहला कदम है।

    विद्या लक्ष्मी पोर्टल अपनी तरह का एक पहला पोर्टल है जो छात्रों को बैंकों द्वारा प्रदान शैक्षिक ऋण के लिए जानकारी और आवेदन करने हेतु एकल खिड़की उपलब्ध कराता है। इस पोर्टल की निम्नलिखित विशेषताएं हैं:

    • बैंकों के शिक्षा ऋण योजनाओं के बारे में जानकारी
    • छात्रों के लिए सामान्य शैक्षिक ऋण आवेदन पत्र
    • शैक्षिक ऋण के लिए कई बैंकों में आवेदन करने की सुविधा
    • छात्रों के ऋण आवेदन पत्र डाउनलोड करने के लिए बैंकों को सुविधा
    • ऋण प्रसंस्करण स्थिति अपलोड करने के लिए बैंकों को सुविधा
    • छात्रों के लिए बैंकों को शैक्षिक ऋण से संबंधित शिकायतों/प्रश्नों को ईमेल करने के लिए सुविधा
    • छात्रों को अपने ऋण आवेदन की स्थिति को देखने के लिए डैशबोर्ड की सुविधा और
    • सरकारी छात्रवृत्ति के लिए जानकारी और आवेदन के लिए राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल से लिंकेज

    इस पहल का प्रयास शिक्षा ऋण उपलब्ध कराने के सभी बैंकों को साथ लाने का है। ऐसी उम्मीद है कि सभी बैंकों के विभिन्न शैक्षिक ऋण योजनाओं के लिए एक एकल खिड़की बनाने की सरकार की इस पहल से देश भर में छात्र लाभान्वित होंगें।

    फिक्स्ड डिपॉजिट के पांच लाभ

    फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) एक ऐसा वित्तीय साधन है, जो परिपक्‍वता तक निश्चित दर पर रिटर्न देता है। यह नियमित बचत या रेकरिंग जमा खाते की तुलना में उच्च दर का रिटर्न देने वाला साधन है और भारत में सबसे पसंदीदा वित्तीय उत्पादों में से एक है। अधिकांश निवेशकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट या एफडी अक्सर पहला और अंतिम वित्तीय साधन होता है। हम एफडी खोलकर अपनी निवेश यात्रा की शुरुआत कर सकते हैं, और अपनी सेवानिवृत्ति के वर्षों को उस ब्याज की मदद से गुजारते हैं, जो एफडी पर हमें मिलता है।

    फिक्स्ड डिपॉजिट पांच लाभ

    फिक्स्ड डिपॉजिट या एफडी के पांच लाभ नीचे दिए गए हैं:

    1. निश्चित रिटर्न:

    फिक्स्ड डिपॉजिट रिटर्न की एक सुनिश्चित दर की गारंटी देता है जो बचत खातों की तुलना में अधिक है। इसका मतलब यह है कि इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि शेयर बाजार की गति क्या है या बाहरी दुनिया कैसे काम करती है। एक एफडी आपको वह ब्याज देता है जिसके लिए आपने इसे खोला था। डिजिटल बचत खाता या नियमित बचत खाता 3% की ब्याज दर प्रदान वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? करता है, जबकि फिक्स्ड डिपॉजिट अवधि के आधार पर अधिक ब्याज देता है। आप न्यूनतम 5,000 रुपये जमा कर सकते हैं। ऐक्सिस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट के बारे में अधिक जानने के लिए यहां क्लिक करें।

    2. मजबूत हेज:
    गफिक्स्ड डिपॉजिट स्टॉक, म्युचुअल फंड्स और गोल्ड जैसे निवेश के अन्य उतार चढ़ाव वाले विकल्पों के मुकाबले एक बेहद मजबूत बचाव या हेज है। हालांकि, यह सच है कि स्टॉक और म्युचुअल फंड एफडी की तुलना में अधिक रिटर्न देते हैं, लेकिन उनमें जोखिम शामिल होता है क्योंकि वे बाजार से संचालित होते हैं। जब आप इक्विटी वित्तीय साधन कैसे काम करते हैं? में निवेश करते हैं, तो इसे सुरक्षित साधनों के साथ संतुलित करना महत्वपूर्ण है। इक्विटी मार्केट में उतार-चढ़ाव के खिलाफ फिक्स्ड डिपॉजिट आपका सबसे अच्छा बचाव है।

    3. तरलता:
    आपात स्थिति में फिक्स्ड डिपॉजिट या एफडी को आसानी से नकदी में परिवर्तित किया जा सकता है। यदि आपके पास एक ऑनलाइन खाता है, तो एफडी को मिनटों में रिडीम कराया जा सकता है। अगर आप अपनी एफडी का 25% मैच्योरिटी से पहले निकालते हैं, तो अधिकांश बैंक आपसे कोई पेनल्टी नहीं लेता है। हालांकि, 25% से अधिक की निकासी के मामले में आपसे छोटी जुर्माना राशि वसूली जा सकती है। बैंक एफडी पर लोन भी देते हैं। आप इस बात को लेकर आश्वस्त हो सकते हैं कि जरूरत पड़ने पर आपके पास हमेशा आपातकालीन धन होगा।

    4. अपने फंड को रखने का सही साधन:
    यह वित्तीय वर्ष का अंत है और यदि आप एक वेतनभोगी पेशेवर हैं, तो आपको साल के अंत में बोनस मिल सकता है। जब आप यह योजना बनाते हैं कि इस राशि का क्या किया जाए और इसे कहां निवेश किया जाए, तो इसे अपने बचत खाते में क्यों रखा जाए? इसके बजाय एक अल्पकालिक एफडी खोलें और अधिक ब्याज हासिल करें। आप ऐक्सिस बैंक फिक्स्ड डिपॉजिट को सात दिनों की न्यूनतम अवधि के लिए खोल सकते हैं। ऐसा करने का अतिरिक्त लाभ यह है कि आप यह सुनिश्चित कर रहे होते हैं कि आपका बोनस अप्रासंगिक मद में खर्च नहीं हो रहा है।

    5. लचीलापन:फिक्स्ड डिपॉजिट आपको अपने पैसे के लिए कार्यकाल तय करने की अनुमति देता है। अलग-अलग एफडी अवधि में अलग-अलग ब्याज दरें होती हैं लेकिन ये सभी नियमित बचत खाता दर से अधिक होती हैं। आप अपने ब्याज के लिए भुगतान अवधि भी चुन सकते हैं। आप मासिक, वार्षिक या परिपक्वता पर भुगतान करना चुन सकते हैं। लचीली भुगतान अवधि सेवानिवृत्त लोगों के लिए एक बड़ी मदद है क्योंकि यह उन्हें नियमित आय देता है। आप ऑटो-रिन्यूअल का विकल्प भी चुन सकते हैं, जो यह सुनिश्चित करता है कि एफडी तब तक अपने आप रिन्यू होते रहती है, जब तक आपको वास्तव में पैसे की आवश्यकता नहीं होती।

    ये सभी फायदे एफडी, टैक्स सेवर फिक्स्ड डिपॉजिट, डिजिटल फिक्स्ड डिपॉजिट को आपके बचत और निवेश के पोर्टफोलियो में एक विकल्प बनाते हैं।

    डिस्क्लेमर/अस्वीकरण:यह लेख मुंबई स्थित सामग्री निर्माण और क्यूरेशन फर्म द सोर्स द्वारा लिखा गया है। ऐक्सिस बैंक किसी भी तरह से लेखक के विचारों को प्रभावित नहीं करता है। ऐक्सिस बैंक और स्रोत सामग्री और जानकारी के आधार पर किसी भी वित्तीय निर्णय लेने के लिए पाठक द्वारा किए गए किसी भी प्रत्यक्ष / अप्रत्यक्ष नुकसान या दायित्व के लिए जिम्मेदार नहीं होंगे। कोई भी वित्तीय निर्णय लेने से पहले कृपया अपने वित्तीय सलाहकार से सलाह लें।

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