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सपोर्ट और रेजिस्टेंस

सपोर्ट और रेजिस्टेंस
Photo:FILE Share Market Live

Shares Pivot Point Support And Resistant Level For Date:27-10-22

Nifty Shares Pivot Point Support And Resistant Level For Date:27-10-22 कल के लिए निफ्टी के सभी शेयर्स के पाइवोट पॉइं,ट सपोर्ट लेवल, और रेजिस्टेंस लेवल क्या होगे इसकी जानकारी आपको निचे के टेबल से मिल जायेगी|

जब कोई शेयर अपने पाइवोट पॉइंट से ऊपर होता है तो उसमे तेजी आने की और जब कोई शेयर्स अपने पाइवोट पॉइंट से निचे होता है तो उसमे गिरावट आ सकती है| मैंने 27 October 2022 के दिन के लिए सभी शेयर्स के पाइवोट पॉइंट सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल आपको निचे दिए हुए है| आपको इस वेबसाइट पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस हररोज निफ्टी और उनमे समाविष्ट सभी शेयर्स के सपोर्ट और रेजिस्टेंस लेवल इस वेबसाइट पर मिलेंगे|

जिनका फायदा आपको आपके ट्रेडिंग में होगा| पाइवोट पॉइंट, सपोर्ट लेवल और रेजिस्टेंस लेवल क्या होते है इनके बारे में अगर आपको जानकारी नहीं है तो आप मेरा आर्टिकल पाइवोट पॉइंट, सपोर्ट लेवल और रेसिस्टेंट लेवल पढ़ सकते है| थैंक्स

Nifty Shares Pivot Point Support And Resistant Level For Date:27-10-22

आने वाले सप्ताह में कैसा रहेगा बाजार का हाल?

अगस्त महीने का थोक मूल्य सूचकांक (WPI) 14 सितंबर को जारी किया जाएगा। इस आंकड़े पर भी कारोबारियों की नजर रहेगी। आने वाले सप्ताह में Nifty के लिए 17600 और 17400 पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस 18000 पर रहने का अनुमान है।

नई दिल्ली, ब्रांड डेस्क। इस पूरे सप्ताह कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सिलसिला जारी रहा, जिससे दुनिया भर के वित्तीय बाजारों ने वृद्धि का ट्रेंड दिखाया और सप्ताह का अंत एक सकारात्मक रुख के साथ हुआ। निफ्टी (Nifty) और सेंसेक्स (Sensex) दोनों ने सप्ताह का अंत 1.68% की बढ़त के साथ किया, जिसमें निफ्टी 17,833.35 पर और सेंसेक्स 59,793.14 पर बंद हुआ।

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Stock Market Closing on 30 November, Nifty, BSE, NSE

निवेशकों को इंडेक्स ऑफ इंडस्ट्रियल प्रोडक्शन (IIP) और कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (CPI) का इंतजार रहेगा, जो 12 सितंबर को आएगा। भारत में वार्षिक मुद्रास्फीति की दर जुलाई 2022 में पांच महीने के निचले स्तर 6.71% पर गिर गई, जो जून में 7.01% थी, और 19.6% की वृद्धि की तुलना में, जून 2022 में भारत में औद्योगिक उत्पादन में सालाना 12.3% की वृद्धि हुई।

अगस्त महीने का थोक मूल्य सूचकांक (WPI) 14 सितंबर को जारी किया जाएगा। इस आंकड़े पर भी कारोबारियों की नजर रहेगी। जुलाई 2022 में, भारत में थोक मूल्यों की वार्षिक मुद्रास्फीति दर पिछले महीने के 15.18% से घटकर 13.93% हो गई।

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आने वाले सप्ताह में Nifty के लिए 17600 और 17400 पर सपोर्ट और रेजिस्टेंस 18000 पर रहने का अनुमान है।

What are Moving averages?

Moving averages सपोर्ट और रेजिस्टेंस are among the most widely used and efficient indicators for technical analysis. Traders of all levels determine long term trends using this tool. We’ll cover how to define a trend, how to implement this indicator for support and resistance levels, and how to use it as trade entry and exit signal.

What are Moving Averages?

Moving averages (MA) indicate the average trend within the chosen period, smooth out price action and filter out the noise. They are formed using the average closing price over a set number of periods. For example, a ten-day सपोर्ट और रेजिस्टेंस simple moving average is a total of the closing prices during a period of ten days divided by ten.

The most commonly used moving averages are:

Simple Moving Average (SMA), which indicates the average movement of price during a particular time period;

Exponential Moving Average (EMA), which is similar to SMA, but applies a greater weight to more recent prices.

Adding Moving Averages to your chart in MetaTrader 4

You can add moving averages to your chart simply by clicking the ‘indicators list’ icon in the toolbar and selecting ‘moving average’. From there you can choose the period and the type of MA you want to work with. If you’re using multiple moving averages you can change the color in order to identify them easily.

Simple Moving Averages vs. Exponential Moving Averages

SMA are slower than EMA in responding to price action. Consequently, they indicate trends or trend reversals more slowly, but are less prone to false signals. EMA are better at catching trends early, though they will give you more false signals during consolidation periods.

Using several types of moving averages will give you a broader outlook. For instance, a trader might choose longer period SMA to help understand the broader trend, and shorter period EMA for entry signals.

SMA may better identify support and resistance levels since they reflect a balanced average of prices over a set time period.

How to determine a trend using MA?

When a price action remains above a moving average, it signals that the price has an uptrend. Conversely, if a price action stays below the MA it indicates a downtrend.

Using several MA simultaneously can be beneficial in determining a trend. Make sure the MA lines are set in the correct order (from fastest to slowest in an uptrend, from slowest to fastest in a downtrend) to confirm that you are in a strong uptrend or downtrend.

Moving Average Crossovers

MA crossovers help to determine when a new trend starts and when an existing one is about to reverse.

Upward momentum is confirmed with a bullish crossover, when short-term MA crosse above longer-term MA. This can be called a ‘Golden Cross’. Downward momentum is confirmed with a bearish crossover, when short-term MA cross below longer-term MA, also known as a ‘Death Cross’. Short term MA can be used for intraday trading, for instance, EMA with 5 and 10 periods.

Longer-term traders might prefer SMA crossovers with 50 and 200 periods.

On one hand, MA crossovers tend to work well in trending markets, while on the other, they can be worthless in sideways or consolidating markets.

Moving Averages as Dynamic Support and Resistance Levels

MA can also be used as support in an uptrend and resistance in a downtrend. For example, a short-term uptrend might find support near the 21-day EMA, while a long-term uptrend might find support near the 200-day SMA.

50 and 200-period SMA are mostly followed on the daily chart and often represent key support and resistance levels. Keep in mind that the सपोर्ट और रेजिस्टेंस levels are not exact, and MA more often represent areas of support and resistance. Levels are also dynamic, as they are constantly changing based on recent price action.

MA is a multi-faceted indicator that can help you to define a trend, support and resistance. It can also show when a new trend starts and when a trend is about to reverse. Set different periods of MA to determine what works best for your trading strategy.

Share Market में तेजी पर लगा ब्रेक, Sensex 197 अंक गिरकर खुला, Nifty 17,900 के करीब

Share Market: मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 18000 पर और 18100-18300 पर बड़ा रेजिस्टेंस है।

Alok Kumar

Edited By: Alok Kumar @alocksone
Updated on: August 18, 2022 10:07 IST

Share Market Live - India TV Hindi

Photo:FILE Share Market Live

Share Market में लगतार चार दिनों से जारी तेजी पर आज गुरुवार को ब्रेक लग गया है। भारतीय शेयर बाजार गिरकर खुले हैं। शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 197.37 अंक गिरकर 60,062.76 अंक पर कारोबार कर रहा है। वहीं, निफ्टी में भी 33.65 अंक की गिरावट है। निफ्टी अभी 17,910.60 अंक पर ट्रेड कर रहा है। सेंसेक्स में शामिल आईटी शेयरों में आज गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं, Auto और बैंकिंग शेयरों में तेजी जारी है। फाइनेंशियल, रियल्‍टी, मेटल और एफएमसीजी इंडेक्‍स हरे निशान में हैं। मार्केट एक्सपर्ट के मुताबिक निफ्टी के लिए पहला रेजिस्टेंस 18000 पर और 18100-18300 पर बड़ा रेजिस्टेंस है। वहीं, निफ्टी के लिए पहला सपोर्ट 17,775 पर और उसके बाद 17400-17500 पर बड़ा सपोर्ट है।

वैश्विक बाजारों में भी गिरावट

आज के कारोबार में प्रमुख वैश्विक बाजारों में गिरावट देखने को मिल रही है। एसजीएक्स निफ्टी लाल निशान में कारोबार कर रहा है। वहीं, एशियाई बाजारों में बिकवाली देखने को मिल रही है। अमेरिकी बाजार भी बुधवार को गिरकर बंद हुए थे। अमेरिकी फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की चिंता के चलते वैश्विक बाजारों में सपोर्ट और रेजिस्टेंस गिरावट देखने को मिल रही है। वहीं, दूसरी ओर अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत 100 डाॅलर प्रति बैरल के नीचे आने से निवेशक उत्साहित हैं।

निवेशकों की पूंजी 7.41 लाख करोड़ बढ़ी

शेयर बाजार में बीते चार दिनों की तेजल से निवेशकों की पूंजी 7.41 लाख करोड़ रुपये से अधिक बढ़ी है। इसी के साथ लगभग चार महीने बाद सेंसेक्स 60,000 अंक के स्तर के पार कर गया। पिछले चार कारोबारी सत्रों में इसमें 1,442.84 अंक या 2.45 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। तेजी के सिलसिले के बीच बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 7,41,534.44 करोड़ रुपये बढ़कर 2,79,85,821.38 करोड़ रुपये पर पहुंच गया। कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के इक्विटी शोध प्रमुख श्रीकांत चौहान ने कहा कि इस महीने में मुद्रास्फीति के कम होने और विदेशी निवेशकों की भारी लिवाली से सेंसेक्स 60,000 अंक के मनोवैज्ञानिक आंकड़े के पार पहुंच गया है।

विदेशी निवेशक लगातार कर रहे हैं निवेश

शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय पूंजी बाजार में लगातार निवेश कर रहे हैं। उन्होंने मंगलवार को 1,376.84 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर खरीदे। जुलाई के बाद लगातार विदेशी निवेशक भारतीय बाजार में पैसा डाल रहे हैं। उससे पहले नौ महीने तक विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से पैसा निकाला था।

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