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फिसलन क्या है?

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फिसलन ढलान (तार्किक गिरावट)

अनौपचारिक तर्क में , फिसलन ढलान एक झुकाव है जिसमें कार्रवाई के एक पाठ्यक्रम को उन आधार पर ऑब्जेक्ट किया जाता है जिन्हें एक बार लिया जाता है, इससे कुछ अवांछित परिणाम नतीजे तक अतिरिक्त कार्रवाइयां होती हैं। फिसलन ढलान तर्क और डोमिनोज़ फॉलसी के रूप में भी जाना जाता है

जैकब ई। वैन फ्लीट कहते हैं, "फिसलन ढलान एक झूठ है," ठीक है क्योंकि हम कभी नहीं जानते कि घटनाओं की पूरी श्रृंखला और / या एक निश्चित परिणाम विशेष रूप से एक घटना या कार्रवाई का पालन करने के लिए निर्धारित किया जाता है।

आम तौर पर, लेकिन हमेशा नहीं, फिसलन ढलान तर्क का प्रयोग डर रणनीति के रूप में किया जाता है "( अनौपचारिक तार्किक पतन , 2011)।

नीचे उदाहरण और अवलोकन देखें। और देखें:

उदाहरण और अवलोकन

  • "समाचार कहानियों से न्याय करने के लिए, पूरे देश में भारी बारिश के बाद सैन फ्रांसिस्को के समान आ रहा है। प्रेस में, वाक्यांश 'फिसलन ढलान' बीस साल पहले की तुलना में सात गुना अधिक आम है। यह एक सुविधाजनक तरीका है वास्तव में कार्रवाई की आलोचना किए बिना कार्रवाई के कुछ तरीकों के सख्त प्रभावों की चेतावनी के बारे में चेतावनी दी गई है, जो कि इसे पाखंडियों का पसंदीदा काम करता है: 'ऐसा नहीं है कि ए के साथ कुछ भी गलत है, आपको याद है, लेकिन ए बी की ओर ले जाएगा, फिर सी, और इससे पहले कि आप इसे जानते हों, हम ज़ेड में हमारी बगल तक पहुंच जाएंगे। "
    (जेफ नुनबर्ग, "ताजा हवा" पर टिप्पणी, राष्ट्रीय सार्वजनिक रेडियो, 1 जुलाई, 2003)
  • " फिसलन ढलान की कमी केवल तभी प्रतिबद्ध होती है जब हम बिना किसी औचित्य या तर्क के स्वीकार करते हैं कि एक बार पहला कदम उठाए जाने के बाद, दूसरों का पालन करने जा रहे हैं, या जो भी पहले चरण को औचित्य साबित करेगा, वास्तव में बाकी को उचित ठहराएगा। नोट, भी, जो कुछ ढलान के निचले हिस्से में छिपे हुए अवांछनीय परिणाम के रूप में देखते हैं, वे वास्तव में बहुत वांछनीय मान सकते हैं। "
    (हॉवर्ड कहने और नैन्सी कैवेंडर, फिसलन क्या है? लॉजिक एंड समकालीन रेटोरिक, 8 वां संस्करण, वाड्सवर्थ, 1 99 8)

फिसलन भरी रोड पर कार चलाते समय रखें यह सावधानियां, नहीं होगी कोई मुश्किल

By: एबीपी न्यूज़ | Updated at : 11 Oct 2020 09:59 AM (IST)

सर्दियों का मौसम शुरू होने वाला है. कुछ ही दिनों में पहाड़ी इलाकों में बर्फबारी शुरू हो जाएगी. अक्सर बर्फबारी की वजह से सड़क हादसों में इजाफा होता है. सर्दियों के मौसम में बर्फबारी के चलते फिसलन भरी सड़कें जानलेवा साबित हो सकती है इसलिए बर्फबारी के बाद फिसलन भरी सड़कों पर गाड़ी चलाते समय कुछ सावधानियां बरतनी जरूरी हैं.

गाड़ी की गति को कम रखें

गाड़ी चलाते हुए स्पीड को कम रखें. गर्मी के दिनों में मौसम साफ होता है और आप दूर तक देख भी सकते हैं. ऐसा सर्दियों के मौसम में नहीं होता. बर्फ के अलावा कुहासा भी दुर्घटना के जिम्मेदार होता है. इसलिए तेज ड्राइविंग आपके लिए कहीं से भी सही नहीं है. गीली सड़कों पर गति कम रखने से जोखिम कम हो जाता है. इसके अलावा सड़क के दोनों और बर्फ जमने से सड़क ट्रैफिक के लिए काफी कम रह जाती है. ऐसे में यदि आप तेज गति से वाहन चलाएंगे तो दुर्घटना कि सम्भावना बढ़ जाती है.

वैष्णव की फिसलन का कथ्य क्या है?

इसे सुनेंरोकें’वैष्णव की फिसलन’ धार्मिक पाखंड को दर्शाता एक व्यंग है। धर्म के नाम पर अगर किसी चीज की मनाही हो लेकिन उसे करना जरूरी हो तो इन्सान कोई न कोई तरीका ढूँढ लेता है। वो अपने आप को समझाने के ऐसे ऐसे उपाय खोज लेता है कि उन चीजों में भी धर्म और ईश्वर ढूँढ लेता है।

इसे सुनेंरोकेंउत्तर: हाँ, ऐसी कई जगहे हैं, जहाँ इनमें से कोई भी गाड़ियाँ नहीं पहुँच सकती। प्रश्न 1. क्या तुम कभी घने जंगल या ऐसी किसी जगह से गुजरे हो?

तुम्हें किस महीने में स्कूल जाना सबसे अच्छा लगता है और क्यों?

इसे सुनेंरोकेंउत्तर 2 मुझे मार्च के महीने में स्कूल जाना अच्छा लगता है। फिसलन क्या है? क्योंकि हमारे यहाँ इस महीने में ना अधिक गर्मी होती ना अधिक ठंड।

वैष्णव की फिसलन किसकी निबंध है?

इसे सुनेंरोकेंeGyanKosh: Unit-14 व्यंग्य निबंध : वैष्णव की फिसलन (हरिशंकर परसाई)

कहीं बहुत सारे फिसलन क्या है? पेड़ उगाए गए हो तो क्या वह जंगल बन जाता है?

इसे सुनेंरोकेंकहीं बहुत सारे पेड़ उगाए गए हों तो क्या वह जंगल बन जाता है? उत्तर: नहीं, वह जंगल नहीं बन जाता है। जंगल बहुत ही घने तथा बहुत बड़े क्षेत्रफल में तरह-तरह के छोटे बड़े पेड़ों एवं पौधों से बना हुआ इलाका होता है।

इसे सुनेंरोकेंकेरल केरल के कुछ भागों में बच्चे पानी को पार करने के लिए वल्लम (लकड़ी की बनी छोटी नाव) में बैठकर स्कूल तक पहुँचते हैं।

वल्लम क्या है किस राज्य में बच्चे स्कूल जाने के लिए वल्लम का इस्तेमाल करते हैं?

इसे सुनेंरोकेंकुछ अन्य तरीके देखें, जिनसे बच्चे स्कूल पहुंचते हैं। केरल केरल के कुछ भागों में बच्चे पानी को पार करने के लिए वल्लम (लकड़ी की बनी छोटी नाव) में बैठकर स्कूल तक पहुँचते हैं।

वैष्णव बाद में भगवान विष्णु के कितने अवतार?

इसे सुनेंरोकेंइन 24 अवतार में से 10 अवतार विष्णु जी के मुख्य अवतार माने जाते हैं। यह है मत्स्य अवतार, कूर्म अवतार, वराह अवतार, नृसिंह अवतार, वामन अवतार, परशुराम अवतार, राम अवतार. कृष्ण अवतार, बुद्ध अवतार, कल्कि अवतार।

वैष्णव की फीस ले निबन्ध के लेखक कौन है?

इसे सुनेंरोकें’वैष्णव की फिसलन’ प्रसिद्ध व्यंग्यकार हरिशंकर परसाई की श्रेष्ठ रचनाओं का संकलन है।

इसे सुनेंरोकेंकिसी भी प्रकार की नौकरी का मोह छोड़कर परसाई ने स्वतंत्र लेखन को ही जीवनचर्या के रूप में चुना. जबलपुर से ‘वसुधा’ नाम की साहित्यिक मासिक पत्रिका निकाली.

बीमारी फिसलन क्या है? से परसाई जी का आशय क्या है?

इसे सुनेंरोकेंहरिशंकर परसाई द्वारा टैक्स को बीमारी’ के रूप में देखने का क्या आशय है? . सकता है इसीलिए लेखक इसे बीमारी स्वरूप मानते हैं। टैक्स बीमारी नहीं आवश्यकता है, जिन पर टैक्स लगता है वह उनकी आय का प्रमाण देता है, अत: टैक्स देने में इंकार नहीं होना चाहिए। प्रश्न 5.

लेखक हरिशंकर परसाई का अंगूठा लहूलुहान कब होता है?

इसे सुनेंरोकेंअंगुली बाहर नहीं निकलती, पर अंगूठे के नीचे तला फट गया है। अंगूठा ज़मीन से घिसता है और पैनी मिट्टी पर कभी रगड़ खाकर लहूलुहान भी हो जाता है। पूरा तला गिर जाएगा, पूरा पंजा छिल जाएगा, मगर अँगुली बाहर नहीं दिखेगी।

हरिशंकर परसाई ने कौन कौन सी रचना लिखी है?

इसे सुनेंरोकें’तब की बात और थी’, ‘बेईमानी की परत’, ‘भोलाराम का जीव’, ‘विकलांग श्रद्धा का दौरा’, ‘ज्वाला और जल’ आदि।

इसे सुनेंरोकेंव्यंग्य सहृदय में हलचल पैदा करता है। अपने प्रभाव में व्यंग्य करुण या कटु कुछ भी हो सकता है, मगर वह बेचैनी जरूर पैदा करेगा। पीड़ित, मजबूर, गरीब, शारीरिक विकृति का शिकार, बीमारी, नौकर आदि को हास्य का विषय बनाना कुरुचिपूर्ण और क्रूर है। लेखक को यह विवेक होना चाहिए कि किस पर हँसना और किस पर रोना।

लेखक टैक्स की बीमारी को क्यों अपनाना चाहता है?`?

इसे सुनेंरोकेंटैक्स की बीमारी की विशेषता यह है कि जिसे लग जाए वह कहता है,’हाय, हम टैक्स से मर रहे हैं. ‘ और जिसे न लगे वह कहता है,’हाय, हमें टैक्स की बीमारी ही नहीं लगती. ‘ कितने लोग हैं कि जिनकी महत्त्वाकांक्षा होती है कि टैक्स की बीमारी से मरें, पर मर जाते हैं निमोनिया से. हमें उन पर दया आई.

परिभाषा फिसलन

फिसलना एक फिसलने या फिसलने की प्रक्रिया और परिणाम है : किसी सतह पर किसी तत्व को सावधानी से हिलाना, किसी चीज को किसी कठिनाई से पार पाना, एक निश्चित दिशा में बहना या किसी वस्तु को प्रच्छन्न तरीके से पहुंचाना।

सवाल में शरीर, एक पूरी तरह से पॉलिश किए गए गोले, एक समान रूप से त्वरित आयताकार आंदोलन के साथ चलता है, यह कहना है कि इसकी अग्रिम में एक निरंतर गति है और पूरी तरह से सीधी रेखा में दी गई है। यदि हम इसे एक निश्चित झुकाव के साथ एक विमान पर रखते हैं, तो अन्य संपत्ति गुणों के साथ संयोजन को देखते हुए, यह गुरुत्वाकर्षण के केंद्र की ओर स्लाइड करेगा; यद्यपि घर्षण और अन्य बाधाओं जैसी ताकतें क्षेत्र को धीमा कर सकती हैं या इसके वेग को बदल सकती हैं, सैद्धांतिक उदाहरण में ऐसी समस्याएं नहीं हैं।

जुबान की फिसलन का मैकेनिज्म और क्षमा याचना का अनुष्ठान

जुबान की फिसलन का मैकेनिज्म और क्षमा याचना का अनुष्ठान

मुंह में जब आइडियोलॉजी के मलाईदार लड्डू भरे हों और अपने मन की बात कहकर लाइम लाइट में आने की जल्दबाजी हो, तब अमूमन आदमी वह सब कह जाता है, जिसे जुबान का फिसलना कहा जाता है। सड़क पर पड़े केले के छिलके पर पैर फिसल जाए, तो उसके सिवा, जो धराशायी हुआ होता है, सब हंसते हैं। वह हंसी हालांकि लापरवाही पर ज्यादा होती है, पर इसका शुमार व्यंग्य में होता है। यही वह संधि स्थल है, जहां केले का छिलका, मलाईदार लड्डू, हास्य और व्यंग्य सब एकजुट होते दिख जाते हैं। राजनीति में किसी न किसी की जुबान के बेकाबू होने का सिलसिला चलता ही रहता है। इसी फिसलन के जरिये टीआरपी पर निगाह गड़ाए रखने वाले मीडिया को मनोवांछित बाइट मिलती है। वह इसे प्रोफेशनल आलोचकों के साथ मिल- बांट चटखारे लेकर कुतरता है। इससे ही जीवन में विकासोन्मुखी परोपदेशी नारों से उपजने वाली एकरसता टूटती है। लोगों को यह लगता है कि उनके चुने हुए प्रतिनिधि काम-धाम भले ठीक से न कर पा रहे हों, लेकिन अपने गाल बखूबी बजा रहे हैं।

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